मस्त विचार 3089
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िन्दगी..
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ..
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ..
वो ज़िन्दगी में हर परिस्थिति का सामना कर सकता है.
जिनकी माफ़ी मांगने का वक़्त भी गुजर चुका होता है.
_ हम लोग अपना आने वाला भविष्य बिगाड़ बैठते हैं..
_ आपको कीचड़ से भी निपटना होगा ; वह इसका एक हिस्सा है..
You pray for rain, you gotta deal with the mud too. That’s a part of it.
_कुछ तबाहियों के जिम्मेदार हम ख़ुद होते हैं..
नीचे मकान कच्चे हैं, सैलाब नहीं होना चाहता.