मस्त विचार 2910

प्रत्येक इंसान मूल्यांकन करता है दूसरों का,

अगर स्वयं का करने लगे तो अपना जीवन संवार लेगा.

मस्त विचार 2909

बुराई ढूंढ़ने का शौक है तो, शुरुआत ख़ुद से कीजिए “दूसरों से नहीं”
बुराई होनी भी जरूरी है, _ रोज तारीफ होती रहेगी तो आगे नही बढ़ पाओगे.

मस्त विचार 2908

मोम की तरह पिघलती है जिंदगी,

गमों की आग में जलती है जिंदगी,

ठोकर लगे तो गम मत करना,

ठोकर लगा कर संभालती है जिंदगी.

मस्त विचार 2905

दस्तक मेरे हाथ में थी सो मैंने दे दी,

किवाड़ उसके हाथ में है वो खोले न खोले..

रख आएं हैं अपनी अर्जी उसकी चौखट पे,

ये उसकी मर्जी है उसको वो खोले न खोले..

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