मस्त विचार 3071
हम तो हैं उन फूलों जैसे, जो कांटों में जी लेते हैं.
कितनी ही बर्फ गिरे, आएं कितनी ही आँधियाँ ;
_वो फूल खिल के रहेंगे, जो खिलने वाले हैं..
_वो फूल खिल के रहेंगे, जो खिलने वाले हैं..
पर लोग कहते हैं कि बदल गया..
और जो मन से उतरते हैं उनसे संभल कर रहिए.
एक वक्त ये है जब हकीकत पर भी शक है..
आप सब तो सिर्फ सुनते हैं हमने सच में ऐसी जिंदगी गुजारी है.
_ जो लोग इसे संभाल कर रखते हैं..
ये जुबान भी अजीब है, अच्छे – अच्छों के घर तोड़ देती है..