मस्त विचार 2867

नजरों के झुक जाने को,,,, ” बेमतलब ” न समझना !!

_ ” हया ” के दायरे में रह कर ,,,, ” इकरार ” किया है हमने !!

मस्त विचार 2866

#ऊचाई_पर_चढ़कर_कभी_घमंड_नही_करना_

#क्योंकि_ढलान_भी_वहीँ_से_शुरू_होती है.

हर ढलान गिरावट नहीं होती, एक नई ज़मीन की तलाश होती है,

_ कोई भी कमज़ोर क्षण वस्तुतः कमज़ोर नहीं होता, वह हमें एक मज़बूती की ओर ले जाता है.

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