मस्त विचार 3122

गर जो तूफ़ान कोई तेरे अंदर है,

वो एक कतरा भी, फिर समुन्दर है…

ज़िन्दगी में है तूफ़ान और ना ही धूल छंट रही है..

_ पर हर कोई कहता कि ‘हम ठीक हैं’

मस्त विचार 3121

हम तो हंसते हैं दूसरों को हंसाने के लिए,

वरना ज़ख्म इतने हैं की ठीक से रोया भी नहीं जाता.

मस्त विचार 3120

वक्त ने फसाया है लेकिन परेशान नहीं हूं मैं,

इन छोटी छोटी बातों से हार जाऊं वो इंसान नहीं हूं मैं.

मस्त विचार 3117

मुझे पतझड़ की कहानियाँ सुना के उदास न कर ऐ जिंदगी..

नए मौसम का पता बता, _ जो गुजर गया, वो गुजर गया…

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