मस्त विचार 2816
चाल कोई भी चले पर अपने अपनों को नहीं मारते.
चाल कोई भी चले पर अपने अपनों को नहीं मारते.
वहाँ खुद को समझा लेना बेहतर होता है….
और लोग उसे ग़रूर समझते हैं..!!
आदमी कुछ खोता ही रहा, कुछ पाने के लिए..
_ लेकिन घृणा एक पूरी तरह से सफ़ल हुए व्यक्ति को भी नीचे गिरा देती है ..
दिलो को ख्वाहिशों को और हवा दे देना आपके वास्ते यह साल नया आया है !
मानो जैसे जनवरी को बेहद तकलीफ़ हुई है दिसम्बर के गुजर जाने का….
उसी तरह मुबारक हो आपको 2021, 2020 के बाद !
ये साल हमारी हिम्मत में कुछ नए सितारे टाँकेगा,
इस साल अगर हम अंदर से दुःख की बदली को हटा सके,
तो मुमकिन है इसी साल हम सबमें सूरज झांकेगा..
खुदा करे ये नया साल आप सबको रास आये.
बाकी # करतुते तो # हमारी वही रहने वाली है__!!
इस नए साल को गले लगाइये..
अब नए साल को गले लगाएं !
करते हैं दुआ हम रब से सर झुका के,
इस साल के सारे सपने सबके पूरे हो जाएं !
थोड़ा खयाल अपने आप का भी रखना है.
नए साल में नई शुरुआत कीजिए…
उम्मीद है कि तू 2020 की तरह ना निकले.
Fake लोगों से हमेशा 2 गज दूरी बनाकर रखना…
मेरे ख़्वाब मेरे सपने वही रह गए और..
मैं अपनी कल्पनाओं में ही खो के रह गया,
फिर वही नयी उम्मीदें, नयी कल्पना लिए,
देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया,
कुछ नया ना होगा, रह जायेंगे सपने अधूरे,
बदल के साल का नंबर एक और साल चला गया,
बदले मेरी ज़िन्दगी का भी रंग कुछ इस तरह,
और कहु देखों, मेरा भी साल नया आ गया,
फिर वही नयी उमीदें, नयी कल्पना लिए,
देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया.