मस्त विचार 2745
हर बात पर जब छलकने लगे आँखों से आंसू, _
_ तो समझना, मजबूत बनने की जिद में टूट रहा है कोई ..
_ तो समझना, मजबूत बनने की जिद में टूट रहा है कोई ..
हम आदते बदलते हैं तो तुम शर्तें बदल देती हो.
खुद से हो ……या…..किसी और से…..
ज़िक्र तेरा ज़रूर होता है.
न चालाकी से कुछ मिलनेवाला है.
जिसे बुरा लगे वो सामने से हट जाए.
धोखे तो बहुत खाए लेकिन धोखा न दिया हमने.