| May 7, 2021 | मस्त विचार
” सारी दुनिया कहती हो,
अगर मुझे सही नहीं लग रहा, तो मैं उसे सही नहीं मान सकता,”
| May 5, 2021 | मस्त विचार
फैसला ये है कि अब आवाज भी नहीं देनी किसी को…
_ हम भी तो देखें, कौन कितना तलबगार है हमारा…
अब मैं तेरे लिए खामोश हूँ, जो कभी “मैं मेरा तलबगार था”
_ ये बात अब भी मुझे याद है कि “तू कभी मेरा प्यार था”
| May 4, 2021 | मस्त विचार
उजाले के लिए काफी नही है सूरज का निकल आना,
_ यह भी जरूरी है कि आंखें खुली रहे.
किसी दिन जब सूरज बादलों के पीछे छिप जाया करता है और दिनभर नहीं निकलता तो.. हमें उतना फर्क नहीं पड़ता..
_ जितना कि घर की बिजली एक दिन के लिए गुल हो जाने पर हम चिड़चिड़े से हो जाते हैं,
_ न मिल के भी उदास नहीं करती हैं पहुँच से दूर की चीजें, कचोटती वो हैं जो पास में होकर भी न मिले…!
| May 3, 2021 | मस्त विचार
ना किसी से ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़,
मेरी अपनी मंजिलें मेरी अपनी दौड़.
| May 2, 2021 | मस्त विचार
कोई रूठे तो उसे जल्दी मना लिया करो,
गुरूर की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाया करती है…!