मस्त विचार 2929

उम्र जाया कर दी औरों के वजूद में नुक्स निकालते निकालते,

इतना खुद को तराशा होता, तो फरिश्ते हो जाते.

मस्त विचार 2928

पहाड़ की चोटी की तरह मत बनो..

_ क्योंकि इसमें आप लोगों को छोटा और लोग आपको छोटा देखेंगे.

पहाड़ चढ़ने का एक उसूल है.. झुक कर चलिए .. दौड़िये नहीं ..

_ ज़िंदगी भी बस इतना ही मांगती है..!!

मस्त विचार 2927

बस यही सोच कर हर तपिश में जलता आया हूँ,

_ धूप कितनी भी तेज़ हो समंदर नहीं सूखा करते.

जिन्दगी की तपिश को सहन कीजिए जनाब…

_ अक्सर वे पौधे मुरझा जाते हैं, जिनकी परवरिश छाया में होती है..!

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