मस्त विचार 2675
बुद्धिमान को मूर्ख कहना _ खुद की ही मूर्खता को प्रकट करने जैसा है.
हर कोई, उतना कह नहीं पाता, जितना समझता और महसूस करता है.
बस अब मतलबी लोगों को नजरअंदाज करके जीना है.
जो बात राज़ की हो इशारो से पूछो ,,
लहरों से खेलना तो शौक समंदर का है ,
लगती है चोट कैसे,, ये किनारो से पूंछो ……
हम मौत को जीने के अँदाज सिखा देँगे । —