मस्त विचार 4582

” लोग क्या कहेंगे ” अगर ये सोचकर आप कुछ नहीं कर रहे हैं,

तो आप जीवन की पहली परीछा में हार गए हैं.

मस्त विचार 4581

अगर कोई आपकी कीमत ना समझे, तो निराश मत होना ;

_ क्योंकि कबाड़ के व्यापारी को, हीरे की परख नहीं होती.

जहाँ हमारी कीमत कम आँकी जाए, वहाँ रुकना अकलमंदी नहीं.!!
गलत महफ़िल में कद्र ढूँढना बेकार है, कबाड़ी के पास जाओगे तो वो हीरे को भी पत्थर ही समझेगा ; अपनी जगह बदलो, कीमत अपने आप बढ़ जाएगी.!!
error: Content is protected