मस्त विचार 4616

“ अपनी बातों को अपने मन में रखें,

बोलने से ज़्यादा करके दिखाने में आपका भरोसा होना चाहिए ”

मस्त विचार 4615

खुद से ही रिहा हो जाऊँ इतनी तम्मना है मेरी,

बिना किसी जुर्म के, मैंने खुद को बंद कर रखा है..!!

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