मस्त विचार 4558

कभी इनका हुआ हूँ मैं, कभी उनका हुआ हूँ मैं ;

खुद अपना हो नहीं पाया कभी, मगर सबका हुआ हूँ मैं !

मस्त विचार 4555

वो कोई और चिराग होते हैं, जो हवाओं से बुझ जाते हैं,,,

हमने तो जलने का हुनर भी तूफ़ानों से सीखा है..!

मस्त विचार 4553

कोई दवा नहीं है उसके रोगों की, जो जलता है तरक्की देखकर लोगों की.!!
सवाल करने वालों को जवाब देकर अपना वक्त जाया मत करो ;

_ अपनी तरक्की को इतना बुलंद करो कि विरोधियों का मुँह अपने आप बंद हो जाए.!!
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