मस्त विचार 2662
चलो बिखरने देते हैं जिंदगी को,
सम्भालने की भी एक हद होती है.
सम्भालने की भी एक हद होती है.
जिन्हें दुनिया कुछ करने लायक नहीं समझती.
वक़्त ने मौका दिया तो दरिया लौटाएंगे हम उन्हें.
ये दिन अगर बुरे हैं तो अच्छे भी आयेंगे.
*उड़ जाएंगे एक दिन* *तस्वीर से रंगों की तरह.*
*हम वक्त की टहनी पर* *बैठे हैं परिंदों की तरह.*
*खटखटाते रहिए दरवाजा* *एक दूसरे के मन का;*
*मुलाकातें ना सही,* *आहटें आती रहनी चाहिए*
*ना राज़ है* *”ज़िन्दगी”,* *ना नाराज़* *है “ज़िन्दगी”![]()
*बस जो है,* *वो* *आज* *है,* *ज़िन्दगी*…..
आँखे कहती है की सोने दे, और दिल कहता है की रोने दे॥