मस्त विचार 2604
मुझे रुलाने की कोशिश भी मत करना,
मेरी परवारिश ही दर्द ने की है.
मेरी परवारिश ही दर्द ने की है.
और हकीकत ने चुप रह कर जीना सीखा दिया.
जान पहचान होने के बाद तो वो भी बुरे लगने लगते हैं.
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए, हमने जिंदगी संभाल ली.
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
वरना यूँ समझ लो कि वो जबरदस्ती ज़िंदा है.