मस्त विचार 2598
सपने हल्के थे.. उड़ गए हवाओं में…
ज़िन्दगी रह गई.. भारी भारी….
ज़िन्दगी रह गई.. भारी भारी….
तुम इक दफ़ा मुझसे, मिलना कभी !!
वक्त ही तो है….बदल जाएगा…
जो खुशबु भी दूसरों को देता है और टूटता भी दूसरों के लिए ही है…
तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली.
और एक सच ये भी है.. इसे और कहीं ढूँढना संभव नहीं.