मस्त विचार 2628
उडने दो मिट्टी को, आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो, आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
हवाओं ने जब साथ छोडा तो, आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.
जो आपसे वह करवा लेती है, जिसे करना सबके वश में नहीं होता.
यहां मंजर खामोशियों का है तो फ़िर क्या किया जाये.
मगर कुछ खामोशियों के ज़ख्म तो और भी गहरे निकले !
बस जरा चुप हो जाएं तो सुनाई देगा.