मस्त विचार 2830
“जब जिंदगी खुद पर निर्भर होती है,
बहुत मज़ेदार हो जाती है,”
बहुत मज़ेदार हो जाती है,”
_ दरअसल वो हमारी हिफाज़त होती है..
जो इतना सा भी याद नहीं रख पाते कि, सांच को आंच नहीं, “
बेघर हो गए हैं कमाते कमाते.
मौत के नखरे तो देखो आते ही कह दिया : “मुझे चार कँधे चाहिए…”
कि कोई अपना नहीं होता…