मस्त विचार 2744
किस तरह करें खुद को जिन्दगी तेरे काबिल,
हम आदते बदलते हैं तो तुम शर्तें बदल देती हो.
हम आदते बदलते हैं तो तुम शर्तें बदल देती हो.
खुद से हो ……या…..किसी और से…..
ज़िक्र तेरा ज़रूर होता है.
न चालाकी से कुछ मिलनेवाला है.
जिसे बुरा लगे वो सामने से हट जाए.
धोखे तो बहुत खाए लेकिन धोखा न दिया हमने.
मेरी दुआओ के मुकम्मल होने का दस्तूर तू है.