मस्त विचार 2616

हम तो अपने मन के राजा हैं,

हमारे मन पर किसी का अधिकार थोड़ी है,

समेट लेते है अपनी ‘यादों’ को अपने मन के अंदर,

इसको सब कोई समझ सके _ इतना समझदार कोई थोड़े ही है.

मस्त विचार 2614

मंजिलें बहुत हैं और अफ़साने भी बहुत हैं,

ज़िन्दगी की राह में इम्तिहान भी बहुत हैं,

मत करो दुःख उसका जो कभी मिला नहीं,

दुनिया में खुश रहने के बहाने भी बहुत हैं.

मस्त विचार 2612

यु ही आँखों से आंसु बहते नही,

किसी और को हम अपना कहते नही,

एक तुम ही हो जो रुक से गये हो जिंदगी में,

वरना रुकने के लिये हम किसी को कहते नही.

मस्त विचार 2611

लोग अफसोस से कहते हैं कि कोई किसी का नहीं,

और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.

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