मस्त विचार 2550
ये न समझना कि अब मुझ को तेरी जुस्तजू नहीं है,
इतना टुटा हूँ कि अब और टूटने की हिम्मत नहीं है.
इतना टुटा हूँ कि अब और टूटने की हिम्मत नहीं है.
कौन मांगे खुशियो की दुआ जिस दर्द मे खुदा मिले.
मगर ये सब मुमकिन नहीं हवाओ से रिश्ता किये बगैर.
करना है तो रब से करो दुआ में हिम्मत दे हर दर्द सहने की.
हर राह में….. तुझे ही ढूँढा हैं मैंने…
जलने वाली चीज एक दिन राख हो जाती है _ चाहे वो अहंकार या वस्तु हो या इंसान..