मस्त विचार 2550

ये न समझना कि अब मुझ को तेरी जुस्तजू नहीं है,

इतना टुटा हूँ कि अब और टूटने की हिम्मत नहीं है.

मस्त विचार 2545

ज़िन्दगी में कोई आप से जलता है, आप उसे जलने दीजिए ;

जलने वाली चीज एक दिन राख हो जाती है _ चाहे वो अहंकार या वस्तु हो या इंसान..

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