मस्त विचार 2527
ढूँढ ले फिर से ख़ुशियाँ, इस कदर उदास क्यों है
जिसके पास वक़्त नहीं तेरे लिए, वो इतना ख़ास क्यों है।…….
जिसके पास वक़्त नहीं तेरे लिए, वो इतना ख़ास क्यों है।…….
क्योकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
आ जाये तो सब कुछ भुला देती है और न आये तो सब कुछ याद दिलाती है.
फिर नसीब क्या, मुकद्दर क्या, क्या लकीरें हाथ की.
नए चिराग जलाओ तो कोई बात बने.
और बुरे लोग हमारी जिंदगी में सबक.