मस्त विचार 2719
हम अच्छे थे और अच्छे रहेंगे…
फिक्र तो वो करें, जो बोलते कुछ हैं, करते कुछ हैं,
दिखते कुछ हैं और होते कुछ हैं.
फिक्र तो वो करें, जो बोलते कुछ हैं, करते कुछ हैं,
दिखते कुछ हैं और होते कुछ हैं.
बेहतरीन दिनों के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है.
सुना है कम बोलने से बहुत मसले सुलझ जाते हैं.
_ वह असल में एक नई शुरुआत हो सकती है ..
ढह जाऊँ तो रेत सह जाऊँ तो पीर.
_गैरों को क्या पता रग कौनसी दबानी है..!!
_उन अपनों से जो अपने होने का आडम्बर रचते हैं, _दरअसल वे कभी हमारे नहीं होते..!!