मस्त विचार 2707
कागज की कश्ती में सवार हैं हम,
फिर भी कल के लिए परेशान हैं हम.
फिर भी कल के लिए परेशान हैं हम.
मुझे तेरी खबर रहे _ तुझे मेरी ख़बर रहे..
बात का मतलब कोई नहीं.
जब समंदर से उलझ बैठे हैं, तो अब लहरों से क्या डरना.
उजाड़ने वाले दिन या रात नहीं देखते.
सबको एक हादसे की जरुरत होती है !!!