मस्त विचार 2684
तुफां मे दम कहां था… जो कश्ती मेरी डुबोता…
मैने डुबो के कश्ती अपनी… तू़फां की लाज रख ली…
मैने डुबो के कश्ती अपनी… तू़फां की लाज रख ली…
दर्द उन्हें भी होता है.
लेकिन कुछ पल ऐसे जरूर छोड़ जाएंगे कि भूलना भी आसान ना होगा.
खुश दिखना खुश होने से ज्यादा जरुरी हो गया है.
_ जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता…!
_ ताकि वो अपनी सारी समस्याओं को भूल कर ये सोचे कि आखिर ये था कौन !!