मस्त विचार 2453

जल्द पहुँचने की ख़्वाहिश लिए, सुकून भरी छाँव छोड़ते रहे..

पर कौन जाने इस लंबे सफ़र में, कोई और पेड़ मिले ना मिले…

मस्त विचार 2452

*गलतफहमी से बढ़कर दोस्ती का दुश्मन नहीं कोई..*

*परिंदों को उड़ाना हो तो बस शाख़ें हिला दीजिए…*

मस्त विचार 2451

ऐ जिंदगी, बहुत तेज है रफ़्तार तेरी,

थोडा आहिस्ता चल… समझने तो दे,

ये पड़ाव है या है मंजिल मेरी.

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