मस्त विचार 2630
यूं तो जिंदगी में आवाज देने वाले, ढेरों मिल जाते हैं …….!!
लेकिन हम ठहरते वहीं हैं, जहां…अपनेपन का अहसास होता है…..!!
लेकिन हम ठहरते वहीं हैं, जहां…अपनेपन का अहसास होता है…..!!
कितने लम्हों को रफ़्तार देता है….!!!
हवाओं ने जब साथ छोडा तो, आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.
जो आपसे वह करवा लेती है, जिसे करना सबके वश में नहीं होता.
यहां मंजर खामोशियों का है तो फ़िर क्या किया जाये.