मस्त विचार 2432
चाहो तो तुम भी हाल पूछ सकते हो…हमारा…
कुछ हक़….दिए नहीं जाते…लिए जाते हैं…
कुछ हक़….दिए नहीं जाते…लिए जाते हैं…
हमने भी गहराई मे जाना छोड दिया,
जब उसे ही दूरी का अहसास नही तो,
हमने भी अहसास दिलाना छोड दिया.
जो तुम्हें ना समझे उसे नजरअंदाज रखो…
रुख हवाओं ने बदला तो खाक वो भी होंगे…
ये बात भी….उन्हें तंग करती है !!
क्योंकि शाबाशी और धोखा दोनों इसी पे मिलता है.