मस्त विचार 2349
उम्र का हरेक दौर मज़ेदार है, अपनी उम्र का मज़ा लिजिये.
लेकिन…तेरी हसरत लिए मर जाने वाले और होते है………
शातिर बगल में भी पहचाना नहीं जाता.
वो बहुत सख्त होता है ..
न हम हैं किसी के न हमारा है कोई.
न कि ऐसी ज़िन्दगी जैसे की दूसरे मुझसे उम्मीद करते थे.”
not the life others expected of me.“