मस्त विचार 2552
ये बात अलग है कि किनारे पे खडा हूँ मैं,
लेकिन पता सब है कि कौन कितने पानी में है.
लेकिन पता सब है कि कौन कितने पानी में है.
कोई अपना दुखी ना हो इसलिए सदा हँसते हैं हम..
इतना टुटा हूँ कि अब और टूटने की हिम्मत नहीं है.
कौन मांगे खुशियो की दुआ जिस दर्द मे खुदा मिले.
मगर ये सब मुमकिन नहीं हवाओ से रिश्ता किये बगैर.
करना है तो रब से करो दुआ में हिम्मत दे हर दर्द सहने की.