मस्त विचार 2611
लोग अफसोस से कहते हैं कि कोई किसी का नहीं,
और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.
और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.
दरवाज़े तक जो आया है अंदर भी आएगा !!
और उससे भी बहुत कम है जो मुझे समझ पाते हैं.
जहाँ मंजिले होगी अपनी.* कोई तो ऐसी ज़मीं होगी..*****
ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है !
तेरे लिए तू सही, मेरे लिए मैं सही..