मस्त विचार 2523
गुजरते वक़्त के बुझते हुए चिरागों से,
नए चिराग जलाओ तो कोई बात बने.
नए चिराग जलाओ तो कोई बात बने.
और बुरे लोग हमारी जिंदगी में सबक.
“पर” काँटों को आज तक नहीं आया, “महक़ने का सलीक़ा”….!!
क्यूंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती है.
सच कहते हैं दुनिया वाले,
इन्सान सबसे जीत कर अंत में अपनों से हार जाता है.
हम अपना घर न जलाते तो और क्या करते.