मस्त विचार 2329

कद्र होती है इन्सान की, ‘ज़रुरत’ पड़ने पर ही,

बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं.

मस्त विचार 2327

“दुनिया वालो ने तो बहुत कोशिश की हमे रुलाने की,

मगर ऊपर वाले ने ज़िम्मेदारी उठा रखी है हमे हँसाने की.

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