मस्त विचार 2331
मैं जितने खतरे उठाता हूँ,
उतना ही सुरक्षित महसूस करता हूँ.
उतना ही सुरक्षित महसूस करता हूँ.
और हम भरोसा कर के गुनेहगार हो गए.
बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं.
पर हमारे काम से हमारी बातें जरूर होती हैं…
मगर ऊपर वाले ने ज़िम्मेदारी उठा रखी है हमे हँसाने की.