मस्त विचार 2278
“एक सांस सबके हिस्से से, रोज पल पल घट जाती है…
कोई जी लेता है ज़िंदगी, किसी की कट जाती है जिन्दगी”….
कोई जी लेता है ज़िंदगी, किसी की कट जाती है जिन्दगी”….
इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते.
यकीन नहीं होता इन्होनें कभी कश्तियाँ डूबाई होंगी.
मगर स्वभाव में ग़ुरूर खलता है..
तब उसे कुछ भी खोने का डर नहीं रहता.
मगर भरोसा बार- बार नहीं.