मस्त विचार 2434
मैं तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना,
ये तो ज़िन्दगी है जो समझदार बनाती जा रही है.
ये तो ज़िन्दगी है जो समझदार बनाती जा रही है.
वरना गैरो की कहां इतनी ओकात _ की आंख में आंसू ला दे..
कुछ हक़….दिए नहीं जाते…लिए जाते हैं…
हमने भी गहराई मे जाना छोड दिया,
जब उसे ही दूरी का अहसास नही तो,
हमने भी अहसास दिलाना छोड दिया.
जो तुम्हें ना समझे उसे नजरअंदाज रखो…
रुख हवाओं ने बदला तो खाक वो भी होंगे…