काम कोई नामुमकिन नहीं, बस _ इक ज़रा हौसला चाहिए.!!
हालात से लड़ने का हौसला इंसान में हमेशा रहता है, मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों, उनसे सामना किया जा सकता है..
_ मगर जो बदकिस्मती बनकर आपके हिस्से में आ जाए, उससे लड़ना शायद इंसान के बस में नहीं होता, कुछ चीज़ें चाहकर भी बदली नहीं जा सकतीं, बस उन्हें स्वीकार करके आगे बढ़ना पड़ता है.!!
कभी-कभी ज़िंदगी में कुछ चीज़ें बेवजह ही हो जाती हैं, जिनका होना न हमने चाहा होता है, न ही उनके लिए हम जिम्मेदार होते है.
_फिर भी उनके होने का दर्द और खामियाज़ा हमें ही भुगतना पड़ता है,
_ शायद यही ज़िंदगी की सबसे अजीब बात है.
_ कुछ फैसले हमारे नहीं होते, हालात हमारे नहीं होते, फिर भी उनकी सज़ा हमें ही मिलती है.!!
– Nirarthak Nirarthak






