मस्त विचार 2386
बस यही आदत उसकी मुझे अच्छी लगती है,
उदास कर के मुझे खुद भी खुश नहीं रहता.
उदास कर के मुझे खुद भी खुश नहीं रहता.
उम्मीदों से ही घायल है और उम्मीदों पर ही जिंदा है…!
_जो गिर कर फिर से उड़ चला वही जिंदा है.!!
“ये ठीक नहीं”
कहीं देखा है शायद आपको, इतना कहकर बस हाथ जरूर मिला लेना!
थोडा हम थोड़ा तुम भी झूक जाते तो _ अच्छा था,
जिंदगी ना कटती यू विराने मे हमारी,,
हम तो नादा थे तूम समझदार हो जाते _ तो अच्छा था !!
तेरी हँसी की कीमत क्या है, ये बता दे तू.