मस्त विचार 4544
कई बार हम ऐसी गलती कर जाते हैं.
कि दुःखों के लिए स्वयं दरवाजे खोल आते हैं..
कि दुःखों के लिए स्वयं दरवाजे खोल आते हैं..
ख़ुश रहने के लिए परेशान रहते हैं !
फिर भी फ़िजा को रंगीन बना देता है..
_ ना जाने खामोश रहना समझदारी है या मजबूरी..?
कामयाबी उन्हीं को मिलती है ; जो खड़े रहते हैं अपने पैरों पर…
बुरे तो हम हैं जो हर किसी को अच्छा समझ बैठे.