मस्त विचार 4538
कभी कभी कुछ बदलने से, बदल जाता है बहुत कुछ.
तब थोड़ा संभलने से, संभल जाता है बहुत कुछ..
तब थोड़ा संभलने से, संभल जाता है बहुत कुछ..
जितना आँखें बंद करके देख लेते हैं.
पर जो गिरा है उसे उठाने के लिए कोई नही झुकना चाहता.
कि वो तुम्हारे बगैर ही जीना सीख जाए.
_ संगीन हकीकत है दुनिया, यह कोई सुनहरा ख्वाब नहीं.!!