मस्त विचार 2189
ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों….
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
“माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है..
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
“माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है..
_ क्योंकि ये न तो वापस आते हैं और न ही वापस मौका देते हैं ..
_ यह सिर्फ़ भुगत कर ही महसूस किया जा सकता है.!!
पता नही गलती किसकी है, वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए हैं .
_ आप के लिए सज़ा बन सकते हैं ..
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है…