मस्त विचार 2333

आज ना जाने क्यों आँख में आँसू आ गए,

पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,

मिलने कि तमन्ना थी आपसे,

लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,

मस्त विचार 2332

खुश होने का यह अर्थ नहीं है कि सब उत्तम है,_

_ इसका अर्थ है कि आपने कमियों के परे देखना शुरू कर दिया है..

मस्त विचार 2329

कद्र होती है इन्सान की, ‘ज़रुरत’ पड़ने पर ही,

बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं.

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