मस्त विचार 2333
आज ना जाने क्यों आँख में आँसू आ गए,
पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,
मिलने कि तमन्ना थी आपसे,
लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,
पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,
मिलने कि तमन्ना थी आपसे,
लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,
_ इसका अर्थ है कि आपने कमियों के परे देखना शुरू कर दिया है..
उतना ही सुरक्षित महसूस करता हूँ.
और हम भरोसा कर के गुनेहगार हो गए.
बिन ज़रुरत तो हीरे भी, तिजोरी में रखे रहते हैं.
पर हमारे काम से हमारी बातें जरूर होती हैं…