मस्त विचार 2321
मशगुल थे सब अपनी-अपनी ज़िन्दगी में
ज़रा सी जमीन क्या हिली खुदा याद आ गया !
ज़रा सी जमीन क्या हिली खुदा याद आ गया !
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते !
ज़मीन वाले आप का कुछ नही बिगाड़ सकते…
और आसान करने के लिए समझना पड़ता है.
और रिश्तों का मतलब समझ आएगा.
कितने रस्ते वो बदलता है उसे पाने के लिए…..