मस्त विचार 2136
जब हमें किसी प्लानिंग और योजना के बाद ही कुछ मिलने वाला है,
तो क्यों नहीं हम बड़ा सोचें.
तो क्यों नहीं हम बड़ा सोचें.
और अंजाम यह रहा कि हम तैराक बन गए.
मगर आइनों सी साफ़ जिन्दगी जीता नहीं है कोई.
दर्द का अहसास तो तब हुआ जब तीरों की कमान अपनों के हाथो में देखी !
कि धूप कितनी भी तेज हो समुन्द्र कभी सुखा नहीं करते !
जो हर किसी के बस की बात नहीं.