मस्त विचार 2130
जब आप औरों को खुशियां देना सीख जाओगे,
तब अपने आप ही आप को खुशियां मिल जाएंगी.
तब अपने आप ही आप को खुशियां मिल जाएंगी.
आज भी उन का ही कहलाता हूं मैं.
हल्की सी ठंडक और सिमरन की प्यास..
संगत की सेवा और नाम की मिठास…….
शुरू कीजिये अपना दिन उस के नाम के साथ….
कभी “वक़्त” हमें सब भुला “मुस्कराने” की ताक़त देता
तो किसी की एक “मुस्कान” “वक़्त” को ही भुला देती. . .
जो मतलब पूरा होने पर अपनी राह बदल जाते हैं.
एक जगह अपनी औकात भी है….!!