मस्त विचार 2389

सुनो ,, एक मशवरा है ~~ हमें तो तुम खो चुके हो.

वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..

दामन पकड़ के रोक लेना.

मस्त विचार 2385

इंसान ख्वाइशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है,​

​उम्मीदों से ही घायल है और ​उम्मीदों पर ही जिंदा है…!​

घायल तो यहां हर परिंदा है,

_जो गिर कर फिर से उड़ चला वही जिंदा है.!!

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