मस्त विचार 2100
*तेरे बदलने का ग़म नही हे मुझे,*
*मैं तो अपने यकीन पर शर्मिन्दा हूँ*
*मैं तो अपने यकीन पर शर्मिन्दा हूँ*
हम उसे भी जीना सीखा देते हैं, जिसे मरने का शौक हो.
मुश्किल-मुश्किल हिसाब सीख गए.
वरना जहाँ बैठते थे रौनक ला दिया करते थे !!
उसी के बारे में सोचो तो फांसला निकले……