मस्त विचार 2299

जब चादर से पैर बाहर निकलने लगे तो, _ घरबार बर्बाद होने में ज़्यादा समय नहीं लगता है !

जब हम अपनी महत्वक्षानुसार कर्म ( सफल होने के लिए परिश्रम ) नहीं करते तो बर्बाद होना तो निश्चित है !

हादसे उनके करीब आकर पलट जाते रहे,

अपनी चादर देखकर जो पाँव फैलाते रहे.

मस्त विचार 2296

खुशी हो या गम, बस मुस्कुराना चाह्ता हूं, मैं..

दोस्तॊं से दोस्ती तो हर कोई निभाता है..

दुश्मनों को भी अपना दोस्त बनाना चाहता हूं, मैं..

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