मस्त विचार 2354
अपने किरदार की सौग़ात सम्हालो वर्ना
लौट कर फूलों मे खुशबू नही आने वाली.
लौट कर फूलों मे खुशबू नही आने वाली.
क्यूंकि ख़ाली बर्तन ही ज़्यादा आवाज़ करते हैं.
ये मंजिल है काैन सी, न वाे समझ सके न हम.?
क्यूँकि उसमें ढूँढने के लिए कुछ नही होता.
तो मेरा जो कुछ भी है वो तुम्हारा होगा.