मस्त विचार 2342
मैं गया था सोचकर बचपन की बातें होंगी,
दोस्त मुझे तरक्की के किस्से सुनाने लगे.
दोस्त मुझे तरक्की के किस्से सुनाने लगे.
हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं;
दिल के दर्द सुनाएं तो किसको;
जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है !!
मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.
कुछ लोग दिलों में बस जाते हैं,,,लहू की तरह…
मुझे तो बस तू और तेरा साथ चाहिए…..
सिखाया जो सबक जिन्दगी ने.