मस्त विचार 2214
उन्ही की रौशनी अब तक हमारे साथ रही….
कभी जो कच्चे घरों में दीये जलाये थे……
कभी जो कच्चे घरों में दीये जलाये थे……
” एक घाव “……. ” एक लगाव “… —
धूप में काँच का टुकड़ा भी चमक जाता है…
जब तक आप के पास ऐसा कुछ है…
जो पैसे से खरीदा ना जा सके….
दर्द होता है, पर आवाज नहीं आती.
अजीब लोग हैं इस जमाने में.
कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती.
ना किसी से मिलने की खुशी, ना किसी से बिछङने का डर….!!!