मस्त विचार 2300
जब इंसान की जरुरत बदल जाती है
तो उसका आपसे बात करने का तरीका भी बदल जाता है.
तो उसका आपसे बात करने का तरीका भी बदल जाता है.
जब हम अपनी महत्वक्षानुसार कर्म ( सफल होने के लिए परिश्रम ) नहीं करते तो बर्बाद होना तो निश्चित है !
अपनी चादर देखकर जो पाँव फैलाते रहे.
मगर अच्छे रिश्ते और अच्छे दोस्त कभी नही बदलते.
तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना…
दोस्तॊं से दोस्ती तो हर कोई निभाता है..
दुश्मनों को भी अपना दोस्त बनाना चाहता हूं, मैं..
कहेगी चलते चलो, रास्ता नहीं देगी.