मस्त विचार – अगर तुम मिलने आ जाओ – 2012

तमन्ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.

मस्त विचार 2010

रिश्ते कितने फॉर्मल हो गये,

काम पड़ा तो मलमल,

नहीँ तो टाट का पैबन्द हो गये ।

खिलखिला कर हँसना, भूल गये,

हल्के से मुस्कराकर, रस्म अदा हो गये ।

पहले लड़ भी जाते थे किसी से भी, किसी के लिये,

अब क्या बीच मे पड़ना, चुप ही रहना, बस,

अपने अपनों के दायरे, कितने सीमित हो गये ।

पीढ़ी दर पीढ़ी फ़ासले दरम्यां ऐसे बढ़े,

खून के रिश्ते पानी हो गये,

बुढ़ापे के नाम, दिन जवानी हो गये ।

अपनों से अपनों की सुन सुन कर,

अपने अपनों से दूर हो गये ,

कुछ बताये गये, कुछ भुलाये गये,

जो रंजिशों की बात हुई तो सुनते गये,

रिश्ते बचाने की बात पर, कान बहरे हो गये,

देखो कितने फासले हो गये,

सिर रख कर रो सके, जी हल्का कर सके,

जाने वो काँधे कहाँ चले गये ?

क्या बाँटेगा गम कोई किसी का,

बातों के सिलसिले ही अब खतम हो गये।

बदमज़ा हो जायेगी ये ज़िन्दगी,

इन फासलों से ,

अपनों से जो दूर गये तो खुद से दूर हो जायेंगे,

क्या पता कल अपने अपनों के दरम्यान, रहें ना रहें ,

कुछ ऐसा करो अपने आ जाये अपनों के पास,

बनी रहे विरासत के रिश्तों की मिठास,

कल अपने अपनों से कह सके,

दूरियों के दिन अब दूर गये, रिश्तों से रिश्ते जुड़ गये।

 

।। पीके ।।

मस्त विचार 2009

ज़िन्दगी में एक ऐसे इंसान का होना बहोत जरुरी है,

जिसको दिल का हाल बताने के लिए लफ़्ज़ों की जरुरत न पड़े.

मस्त विचार 2007

सफाईकर्मी का काम कूड़ा-करकट साफ करना होता है और

जो उनसे नफरत करते हैं, उनका काम गंदगी और कचरा पैदा करना है.

कुछ लोग जिधर की हवा है, उधर ही चल पड़ते हैं _ हालांकि ये काम कचरे का है..
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