मस्त विचार 2151

क्यूँ तू अच्छा लगता है ये वक़्त मिला तो सोचेंगे,

तुझमें क्या क्या देखा है ये वक़्त मिला तो सोचेंगे.

मस्त विचार 2148

मंजिलें तो खुशनसीबों को नसीब हो गई, हम तो दीवाने हैं सफर में ही रहेंगे.
खुशनसीब होते हैं वे लोग.. जो जागी आंखों से अपने ख्वाब पूरे करते हैं.!!

मस्त विचार 2146

हर पतंग जानती है कि अंत में कचरे में जाना है

लेकिन उस के पहले हमें आसमान छू कर देखना है,

…..जिंदगी भी यही चाहती है.

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