मस्त विचार 2072

आखिर मुरझा ही गए वो गुलाब एक दिन जीने के बाद,

मगर धार काँटों की तेज हो गई उसके सुखने के बाद !!

मस्त विचार 2069

दुख के दस्तावेज हों या सुख की वसीयत,

ध्यान से देखोगे तो नीचे मिलेंगे, “खुद के ही दस्तखत”.

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