मस्त विचार 1892
जब तक सांस है, टकराव मिलता रहेगा.
जब तक रिश्ते हैं, “घाव” मिलता रहेगा.
पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दें,
अगर हमारे कर्म, भावना और रास्ता सही है.
तो गैरों से भी “लगाव” मिलता रहेगा.
जब तक रिश्ते हैं, “घाव” मिलता रहेगा.
पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दें,
अगर हमारे कर्म, भावना और रास्ता सही है.
तो गैरों से भी “लगाव” मिलता रहेगा.
_ किरदार काबिल हुए तो याद रखे जाएंगे ..
कभी ख्वाहिश नहीं होती कभी पैसे नहीं होते….
कुछ अच्छा ही लिख दिया कर, बुरे के लिए तो अपने ही बहुत हैं..!!